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Sunday, February 15, 2026
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इस दिन इंद्र ने मानी थी हार, आज श्यामा गाय को भोजन कराने का है विशेष महत्व…

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इस साल गोपाष्टमी 9 नवंबर को मनाई जा रही है. इस दिन गाय और बछड़ों की पूजा की जाती है. मथुरा, वृन्दावन और ब्रज में भव्य गोपाष्टमी उत्सव मनाया जाता है. यह शुभ दिन भगवान विष्णु और गाय की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोकुल के लोगों को इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाया था.

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इसलिए उस दिन गोवर्धन पूजा की जाती है. उसी समय, 7 दिनों की लगातार बारिश के बाद अष्टमी तिथि को भगवान इंद्र ने हार मान ली. इसलिए इस दिन गोपाष्टमी मनाई जाती है और गोपाष्टमी के दिन वृद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनता है.

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पूजा का शुभ मुहूर्त

ऐसा माना जाता है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है. इस दिन पूजा करने से नवग्रह दोष दूर होता है और आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है. दोपहर की पूजा 12:05 बजे से शाम 4:09 बजे तक की जा सकती है.

Gopashtami 2024: विजय मुहूर्त

दोपहर 1:53 से 2:37 बजे तक इस अवधि में पूजा-पाठ जैसा कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है.

Gopashtami का महत्व?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गोपाष्टमी के दिन गाय को भोजन खिलाना चाहिए. शाम के समय गाय माता की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए. इस दिन काली गाय को भोजन कराने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इससे साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है. इसलिए यह पर्व गौ माता की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है.

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