भारत की विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) गतिविधियों में अक्टूबर महीने में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) अक्टूबर 2025 में 59.2 पर पहुंच गया, जो लगातार तीसरे महीने 58 से ऊपर बना हुआ है। यह आंकड़ा बताता है कि भारत की औद्योगिक उत्पादन दर और घरेलू मांग दोनों मजबूत बनी हुई हैं।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जबरदस्त रफ्तार
S&P Global द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय विनिर्माण सेक्टर में उत्पादन, नई ऑर्डर बुक्स और रोजगार में तेजी देखी गई। कंपनियों ने बताया कि घरेलू बाजार में डिमांड बढ़ने और निर्यात ऑर्डर्स में सुधार से उत्पादन स्तर ऊंचा रहा।यह प्रदर्शन इंगित करता है कि भारत वैश्विक आर्थिक मंदी के बीच भी मजबूत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
रोजगार और प्रोडक्शन में सुधार
PMI सर्वे के अनुसार, कई कंपनियों ने अक्टूबर महीने में नए कर्मचारियों की भर्ती की, जिससे रोजगार दर में मामूली लेकिन स्थिर सुधार हुआ। उद्योग जगत का कहना है कि त्योहारी सीजन और निर्यात मांग में वृद्धि ने प्रोडक्शन गतिविधियों को मजबूती दी है।
क्या है PMI और क्यों है महत्वपूर्ण?
PMI (Purchasing Managers’ Index) एक प्रमुख आर्थिक संकेतक है, जो उत्पादन, नए ऑर्डर, सप्लाई और रोजगार की स्थिति को मापता है। 50 से ऊपर का PMI आंकड़ा बताता है कि विकास हो रहा है, जबकि 50 से नीचे का मतलब है संकुचन। भारत का 59.2 का स्कोर दिखाता है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेज़ी से विस्तार कर रहा है।
वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति
जहां चीन और यूरोपीय देशों के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मंदी देखी जा रही है, वहीं भारत का मजबूत प्रदर्शन निवेशकों और उद्योगपतियों के लिए भरोसे का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत आने वाले महीनों में एशिया का प्रमुख उत्पादन केंद्र बन सकता है।








