कोरबा: डिज्नीलैंड मेला एक बार फिर विवादों में घिर गया है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह मेला पहले भी कई हादसों और गंभीर घटनाओं को लेकर चर्चा में रह चुका है। कुछ वर्ष पहले इसी मेले में तीन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया था, जिसकी जांच रिपोर्ट अब तक लंबित बताई जा रही है। इसके अलावा एक अन्य घटना में झूला टूटकर गिरने से कई लोग घायल हो गए थे। इन घटनाओं के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं होने के आरोप लग रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में बार-बार हादसे होने के बावजूद प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता तक सीमित रही है। आरोप है कि जांच और निरीक्षण के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है, जबकि जमीनी स्तर पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर लापरवाही दिखाई देती है। मेले में लगाए गए “मौत का कुआं” जैसे खतरनाक स्टंट शो भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन इनके संचालन के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। कई जगहों पर भीड़ नियंत्रण, झूलों की तकनीकी जांच और आपातकालीन व्यवस्था की कमी साफ देखी जा सकती है।
इसके साथ ही मेले में बिक रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है। बिना किसी स्पष्ट मानक और निगरानी के चल रहे स्टॉल्स पर स्वास्थ्य सुरक्षा के नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया जा रहा है। फिलहाल इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से किसी सख्त कदम की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।




