पीएम ने कहा कि इतिहास में पहली बार संविधान को ऐसी गहरी चोट पहुंचाई गई, इन्होंने तो प्रधानमंत्री के ऊपर एक गैर संवैधानिक नेशनल एडवाइजरी काउंसिल बैठा दिया. इन्होंने इसे पीएमओ के ऊपर बैठा दिया. इतना ही नहीं और एक पीढ़ी आगे चले तो उसने भारत के संविधान के तहत देश की जनता सरकार चुनती है.सरकार का मुखिया कैबिनेट बनाता है. संविधान का अपमान करने वाले लोगों ने कैमरे के सामने कैबिनेट के फैसले को फाड़ दिया. एक अहंकारी व्यक्ति कैबिनेट के फैसले को फाड़ दे और कैबिनेट अपने फैसले को बदल दें, ये कौन की व्यवस्था थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने संविधान के साथ छेड़छाड़ की और अपनी मनमानी करने के लिए संविधान के मूल भाव को दरकिनार किया. उन्होंने बताया कि संविधान सभा में जो काम नहीं करवा पाए, उसे बाद में पीछे से किया गया. पीएम मोदी ने कहा कि पंडित नेहरू ने मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी कि अगर संविधान हमारे रास्ते में आए तो हर हाल में उसमें परिवर्तन करना चाहिए. उन्होंने 1951 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय एक पाप किया गया, जब राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने चेतावनी दी थी कि यह गलत हो रहा है. स्पीकर ने भी कहा था कि यह गलत कर रहे हो. पीएम मोदी ने कहा कि यह घटना बताती है कि कांग्रेस ने किस तरह संविधान की मर्यादाओं का उल्लंघन किया.