एशिया कप 2025 का रोमांच लगातार बढ़ रहा है और इसी बीच टूर्नामेंट की एक बड़ी टीम के कप्तान ने ऐसा बयान दिया है, जिसने सबका दिल जीत लिया। उन्होंने कहा – “यहां कोई भारतीय या पाकिस्तानी नहीं, हम सभी एक परिवार हैं।” यह बयान न सिर्फ क्रिकेट मैदान पर बल्कि एशियाई देशों के बीच भाईचारे और खेल भावना की मिसाल बन गया है।
क्रिकेट से बढ़कर संदेश
एशिया कप केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एशियाई देशों को जोड़ने वाला पुल भी है। जब भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के बीच राजनीतिक तनाव अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, तब कप्तान का यह बयान नई उम्मीद की किरण दिखाता है। उन्होंने साफ कहा कि—
- खेल राजनीति से ऊपर है।
- मैदान पर सभी खिलाड़ी केवल क्रिकेटर हैं, किसी देश का दुश्मन नहीं।
- खेल हमें जोड़ता है, बांटता नहीं।
ड्रेसिंग रूम का माहौल
कप्तान ने आगे बताया कि टीम के ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं है। चाहे खिलाड़ी भारत से हों, पाकिस्तान से या किसी और एशियाई देश से, सभी एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और दोस्ताना माहौल में खेल का मज़ा लेते हैं।
उन्होंने कहा – “जब हम मैदान पर उतरते हैं, तो सिर्फ एक टीम होते हैं। यहां कोई भारतीय या पाकिस्तानी नहीं होता, बस खिलाड़ी होते हैं जो अपनी टीम के लिए जीत हासिल करना चाहते हैं।”
खिलाड़ियों की दोस्ती बनी मिसाल
एशिया कप में अक्सर देखा गया है कि भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी आपस में हंसी-मज़ाक करते हैं, एक-दूसरे के साथ लंच शेयर करते हैं और अनुभव बांटते हैं। इस बार भी तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें दोनों देशों के खिलाड़ी साथ बैठकर बातें कर रहे हैं। यह बताता है कि मैदान से बाहर क्रिकेट असली दोस्ती का पुल है।
फैंस की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर कप्तान के इस बयान को खूब सराहा जा रहा है।
- भारतीय फैंस कह रहे हैं कि खेल को खेल की तरह देखना चाहिए।
- पाकिस्तानी प्रशंसक भी मानते हैं कि इस तरह के विचार एशियाई देशों को और करीब ला सकते हैं।
- क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कप्तान का यह बयान आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
खेल से रिश्ते मजबूत
यह बयान सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं, बल्कि भारत-पाकिस्तान जैसे देशों के रिश्तों में नरमी लाने की क्षमता रखता है। जहां राजनीति और सीमाओं की वजह से खाई बढ़ती है, वहीं क्रिकेटर दोस्ती और भाईचारे का संदेश देकर माहौल को बदलने की कोशिश करते हैं।
एशिया कप के इस कप्तान का बयान साबित करता है कि खेल ही असली भाषा है, जो सीमाओं को तोड़कर दिलों को जोड़ती है। क्रिकेट मैदान पर खिलाड़ी सिर्फ खिलाड़ी हैं—न भारतीय, न पाकिस्तानी—बल्कि एक परिवार का हिस्सा। यही खेल भावना एशिया कप को खास बनाती है।
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