नई दिल्ली : त्योहारों और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी निजी कार से एक शहर से दूसरे शहर तक सफर करते हैं। इस दौरान कई लोग कार में शराब की बोतलें भी रख लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि निजी गाड़ी में शराब ले जाने के लिए भी आबकारी विभाग के नियमों का पालन करना जरूरी है? इन नियमों की अनदेखी करने पर भारी जुर्माना लग सकता है। कुछ परिस्थितियों में गाड़ी जब्त होने के साथ जेल भी हो सकती है।
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दरअसल, भारत में शराब से जुड़े नियम केंद्र सरकार के बजाय अलग-अलग राज्यों के आबकारी कानूनों के तहत निर्धारित होते हैं। यही वजह है कि एक राज्य में शराब रखने और परिवहन की अनुमति दूसरे राज्य से अलग हो सकती है। ऐसे में कार से दूसरे राज्य की यात्रा करने से पहले वहां के आबकारी नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
दूसरे राज्य में शराब ले जाने से पहले जान लें नियम
अगर आप अपनी निजी कार से एक राज्य से दूसरे राज्य में जा रहे हैं, तो शराब ले जाने को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कई राज्यों में दूसरे प्रदेश से शराब लाने पर प्रतिबंध है, जबकि कुछ राज्यों में निर्धारित मात्रा और वैध परमिट के साथ इसकी अनुमति दी जाती है।
सिर्फ शराब की बोतल सीलबंद होने या उसका बिल होने से दूसरे राज्य में उसे ले जाने की अनुमति नहीं मिल जाती। उदाहरण के तौर पर, दिल्ली या हरियाणा से शराब खरीदकर उत्तर प्रदेश ले जाने पर वहां के आबकारी नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसमें जुर्माना, शराब की जब्ती और वाहन जब्त किए जाने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
अपने राज्य में कितनी शराब ले जा सकते हैं?
अगर आप उसी राज्य के भीतर अपनी निजी कार से यात्रा कर रहे हैं, तो शराब ले जाने की अधिकतम सीमा वहां के आबकारी नियमों पर निर्भर करती है। अलग-अलग राज्यों में शराब की निर्धारित मात्रा अलग हो सकती है। कुछ राज्यों में सीमित मात्रा में शराब रखने और ले जाने की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इसके लिए विशेष परमिट की जरूरत पड़ सकती है।
इसलिए यह मान लेना सही नहीं है कि पूरे देश में हर व्यक्ति अपनी कार में 1.5 से 2 लीटर शराब आसानी से ले जा सकता है। यात्रा से पहले संबंधित राज्य की निर्धारित सीमा और नियमों की जानकारी जरूर हासिल करें।
ड्राई स्टेट में शराब मिलने पर हो सकती है कार्रवाई
देश में कुछ ऐसे राज्य भी हैं, जहां शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध या कड़े नियंत्रण लागू हैं। इनमें बिहार, गुजरात, नागालैंड और मिजोरम शामिल हैं।
इन राज्यों में बिना वैध अनुमति शराब ले जाना गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। चेकिंग के दौरान कार में शराब मिलने पर आबकारी कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। मामले की गंभीरता और संबंधित राज्य के कानून के आधार पर जुर्माना, वाहन जब्ती और जेल तक की सजा हो सकती है।
शराब पीकर गाड़ी चलाने पर कितना लगेगा जुर्माना?
कार में शराब ले जाने के नियमों के अलावा शराब पीकर वाहन चलाने को लेकर भी सख्त प्रावधान हैं। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत यदि चालक के रक्त में अल्कोहल की मात्रा 30 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर से अधिक पाई जाती है, तो इसे अपराध माना जाता है।
पहली बार इस अपराध में पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या छह महीने तक की जेल अथवा दोनों सजाएं हो सकती हैं। वहीं, दोबारा अपराध करने पर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना या दो साल तक की जेल अथवा दोनों का प्रावधान है। इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कार में शराब ले जाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- दूसरे राज्य में शराब ले जाने से पहले वहां के आबकारी नियम और परमिट की जानकारी जरूर लें।
- निर्धारित मात्रा से अधिक शराब अपने साथ न रखें।
- शराब की खरीदारी का बिल अपने पास रखें।
- जहां अनुमति हो, वहां शराब को सीलबंद बोतल में सुरक्षित रखें।
- कार में शराब की खुली बोतल रखने या उसका सेवन करने से बचें।
- किसी भी परिस्थिति में शराब पीकर गाड़ी न चलाएं।
ध्यान दें: शराब ले जाने की अनुमति, निर्धारित मात्रा और सजा के प्रावधान राज्य के आबकारी कानूनों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए यात्रा से पहले संबंधित राज्य के आधिकारिक नियमों की जानकारी जरूर प्राप्त करें।




