- Advertisement -

ठेकुआ के प्रसाद के बिना अधूरी है छठ पूजा यहां पढ़ें इसे बनाने की आसान रेसिपी

Must read

छठ पूजा  बिहार और झारखंड का लोकपर्व है। इस पर्व का बेहद खास महत्व है जिसमें ठेकुआ प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। यहां हम ठेकुआ बनाने की रेसिपी बताने वाले हैं जिससे अगर आप घर से दूर भी हैं तो खुद से ठेकुआ बनाकर इसका आनंद ले सकते हैं। आइए जानें कैसे आसानी से ठेकुआ बनाया जा सकता है।

- Advertisement -

छठ पूजा, बिहार और झारखंड का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इस त्योहार में ठेकुआ या खजुरी एक प्रमुख प्रसाद है। छठ पूजा में ठेकुआ का खास महत्व होता है। इस साल छठ पूजा  की शुरुआत 5 नवंबर से नहाय-खाए से होगी और 8 नवंबर को सुबह अर्घ्य देने के साथ इसका समापन होगा। इस पर्व में ठेकुआ को प्रसाद के रूप में अर्घ्य देते समय सूरज देवता और छठी मैया को चढ़ाया जाता है।

इसका स्वाद मीठा और कुरकुरा होता है, जिसे सभी बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं। ऐसे में अगर छठ के लिए आप घर पर ठेकुआ  बनाना चाहते हैं या अगर आप घर से दूर हैं और छठ पूजा में नहीं जा पा रहे हैं, तो भी आप इसे आसान रेसिपी की मदद से ठेकुआ बनाकर इसका स्वाद ले सकते हैं। आइए जानें ठेकुआ बनाने की विधि।

  • 1 कप गेहूं का आटा
  • ½ कप गुड़ का चाशनी
  • ¼ कप घी
  • ½ चम्मच सौंफ
  • ½ चम्मच इलायची पाउडर
  • ½ कप घिसा हुआ नारियल
  • तेल (तलने के लिए)
  • एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें। इसमें घी, इलायची पाउडर और सौंफ डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसे हल्का सा गूंद लें, लेकिन पूरी तरह नहीं।
  • एक पैन में गुड़ और थोड़ा-सा पानी डालकर धीमी आंच पर पकाएं। जब गुड़ पूरी तरह से घुल जाए तो गैस बंद कर दें।
  • अब आटे में धीरे-धीरे गुड़ की चाशनी मिलाएं और आंटे को मलना शुरू करें। इसी तरह आटे को गूंद लें, लेकिन इसे ज्यादा मुलायम न बनाएं न ज्यादा हार्ड छोड़ें।
  • इसके बाद आटे को ढककर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • अब आटे की छोटी-छोटी लोई लें और उसे हाथों से गोलाकार बनाकर हल्का सा चपटा कर दें।
  • आप चाहें, तो ठेकुआ के लिए स्टेंसिल की मदद से आटे की लोई पर डिजाइन भी बना सकते हैं।
  • अब एक कड़ाही में तेल गरम करें। अब एक-एक करके ठेकुआ को तेल में डालकर सुनहरा होने तक तल लें।
  • जब ठेकुआ दोनों तरफ से गहरे भूरे रंग का हो जाए, तो उसे निकालकर रख लें।
    • अब ठेकुओं को पूरी तरह से ठंडा होने दें। अब इन्हें एयरटाइट कंटेनर में भरकर रखें।
      • आटा न ज्यादा सख्त और न ही ज्यादा नरम होना चाहिए।
      • गुड़ की चाशनी ना ज्यादा पतली और ना ही ज्यादा गाढ़ी होनी चाहिए।

More articles

Latest article