अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान हथियारों की खरीद को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने अमृतसर से 2.50 लाख रुपये में जिगाना पिस्टल और 20 राउंड गोलियां खरीदी थीं। पुलिस अब हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है।
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टाइगर श्रॉफ का दर्ज किया गया बयान
जानकारी के अनुसार, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग की घटना हुई थी। इसके अगले दिन, 19 अक्टूबर को क्राइम ब्रांच की टीम अभिनेता टाइगर श्रॉफ से मिलने पहुंची। उस समय अभिनेता अस्पताल में जांच के लिए गए थे, जहां अधिकारियों ने कई घंटे तक उनका बयान दर्ज किया।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान टाइगर श्रॉफ से घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं और हमले से पहले किसी तरह की धमकी मिलने के बारे में सवाल किए गए। बताया जा रहा है कि अभिनेता ने किसी भी तरह की पूर्व धमकी मिलने से इनकार किया है।
अनिल पंडित के निर्देश पर हथियार खरीदने का आरोप
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित करीबी अनिल पंडित के निर्देश पर हथियार खरीदे गए थे। सूत्रों के अनुसार, कुणाल, सुमित और जतिन कथित तौर पर 2.50 लाख रुपये लेकर अमृतसर गए थे।
आरोप है कि वहां एक अज्ञात स्थान से जिगाना पिस्टल और 20 राउंड गोलियां लेने के बाद आरोपियों ने उसी जगह पर रकम रख दी थी। फिलहाल, जांच एजेंसी उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिसने कथित तौर पर हथियार और गोलियां उपलब्ध कराई थीं। साथ ही, हथियारों की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
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क्या आमिर खान थे आरोपियों का पहला निशाना?
जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि टाइगर श्रॉफ से पहले आरोपियों ने अभिनेता आमिर खान को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने मुंबई के बांद्रा स्थित आमिर खान के घर की कई बार रेकी की थी।
सूत्रों के मुताबिक, कथित तौर पर आमिर खान के नजर नहीं आने के कारण आरोपियों ने अपनी योजना बदल दी और बाद में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है और सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।




