23.1 C
Raipur
Tuesday, January 13, 2026

MP News: मध्‍य प्रदेश कांग्रेस में राज्यसभा के लिए रेस हुई तेज, दिग्विजय सिंह के कार्यकाल से पहले ही दावेदारों की लगी लंबी कतार

Must read

P News: मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा की रेस शुरू हो गई है. राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही कई दावेदार कतार में खड़े हो गए हैं. इस बार मध्य प्रदेश से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव के नाम चर्चाओं में हैं. पार्टी के भीतर और बाहर इन नामों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ रही है.

09 अप्रैल को ख़त्म हो रहा दिग्विजय सिंह का कार्यकाल

दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 09 अप्रैल को समाप्त हो रहा है. वे दो बार मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. तीसरी बार की संभावित दावेदारी से पहले ही दिग्विजय सिंह यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे अब राज्यसभा नहीं जाना चाहते हैं और मध्य प्रदेश में ही सक्रिय राजनीति करना चाहते हैं. वर्तमान में मध्य प्रदेश से कांग्रेस के पास एक और भारतीय जनता पार्टी के पास दो राज्यसभा सीटें हैं. दिग्विजय सिंह का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों में दावेदारी तेज हो गई है. कांग्रेस में एक सीट के लिए भोपाल से लेकर दिल्ली तक नेता अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हुए हैं.

अनुसूचित जाति से राज्यसभा प्रत्याशी बनाने उठी मांग

कांग्रेस में राज्यसभा सीट को लेकर अब खींचतान की स्थिति बनती नजर आ रही है. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पत्र लिखकर राज्यसभा में अनुसूचित जाति वर्ग से उम्मीदवार भेजने की मांग की है. दलित एजेंडे को लेकर हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा था कि यदि दलित वर्ग से मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो उन्हें प्रसन्नता होगी. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अनुसूचित जाति वर्ग से राज्यसभा के लिए कौन-कौन दावेदार सामने आएंगे.

बीजेपी और कांग्रेस ने एक दूसरे पर किया पलटवार

राज्यसभा की रेस और कांग्रेस के भीतर कथित आपसी खींचतान को लेकर कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक का कहना है कि खींचतान की बात पूरी तरह गलत है और जो भी निर्णय होगा वह पार्टी आलाकमान करेगा. वहीं भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस गुटों और गिरोहों में बंटी हुई पार्टी है और उससे किसी भी तरह के सकारात्मक निर्णय की उम्मीद नहीं की जा सकती है.

राज्यसभा की इस रेस पर वरिष्ठ पत्रकार संजीव आचार्य का कहना है कि कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति बनी हुई है. उनके मुताबिक खींचतान से इनकार नहीं किया जा सकता और यह सच है कि अब कांग्रेस में एक ही सीट के लिए कई नेता अपनी-अपनी दावेदारी में जुट गए हैं.

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article