भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मुद्रास्फीति के अनुमान को लेकर फैल रही अटकलों पर स्पष्ट प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उसके प्रोजेक्शन में किसी भी तरह का ‘पूर्वाग्रह’ (Bias) नहीं है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि महंगाई को लेकर उसके सभी अनुमान पारदर्शी डेटा, आर्थिक संकेतकों और स्थापित सांख्यिकीय मॉडलों पर आधारित होते हैं।
RBI ने जारी बयान में कहा कि मुद्रास्फीति दर का अनुमान लगाना एक जटिल प्रक्रिया है, जो कई वैश्विक एवं घरेलू कारकों पर निर्भर करती है। इसलिए बदलते आर्थिक परिदृश्य में अनुमान का संशोधित होना स्वाभाविक है, परंतु इसे पूर्वाग्रह के रूप में देखना गलत है।
केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि मूल्य स्थिरता बनाए रखना उसका प्रमुख लक्ष्य है और इसी के अनुरूप नीति दरें तथा मौद्रिक फैसले लिए जाते हैं। RBI ने भरोसा जताया कि आने वाले महीनों में महंगाई नियंत्रण के दायरे में आने की संभावना मजबूत है, हालांकि खाद्य कीमतों में उतार-चढ़ाव चुनौती बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि RBI का यह बयान बाजार में भरोसा बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि बीते समय में मुद्रास्फीति अनुमान को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। अब रिज़र्व बैंक ने साफ कर दिया है कि उसका हर कदम वास्तविक डेटा और निष्पक्ष विश्लेषण पर आधारित होता है।








