रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की तैयारी तेज हो गई है। नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में आगामी बजट सत्र से पहले डिजिटल व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की पहल पर सदन की कार्यवाही को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसके तहत विधायकों की टेबल पर टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरण लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से उन्हें सदन से जुड़ी जरूरी जानकारियां उपलब्ध होंगी।
विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा के मुताबिक, डिजिटाइजेशन का काम अगले तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) से संबंधित प्रस्ताव भेजा जा चुका है। परियोजना के तकनीकी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (CHiPS) को दी गई है।
टैबलेट पर मिलेंगे प्रश्नोत्तर, बजट और विधायी दस्तावेज
डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद विधायकों को सदन की दैनिक कार्यसूची, तारांकित और अतारांकित प्रश्नों के उत्तर, विधेयक, बजट से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां टैबलेट पर उपलब्ध होंगी। इससे सदन की कार्यवाही के दौरान जरूरी दस्तावेजों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही कागजों की छपाई पर होने वाला खर्च घटेगा और समय की बचत भी होगी।
NeVA के जरिए आधुनिक बनेगा सदन
केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म’ की अवधारणा के तहत विधानसभा में NeVA लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्रालय, राज्य शासन और विधानसभा सचिवालय के बीच समझौता किया गया है। परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मोबाइल एप से आम लोगों को भी मिलेगी जानकारी
विधानसभा के आधिकारिक मोबाइल एप को भी अपडेट किया जा रहा है। इसके जरिए आम नागरिकों को दैनिक कार्यसूची, प्रश्नोत्तर, बजट भाषण और सदन की लाइव कार्यवाही जैसी जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे विधानसभा की गतिविधियों को जानना लोगों के लिए आसान होगा और कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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324 करोड़ रुपये की लागत से बना है नया भवन
नवा रायपुर के सेक्टर-19 में करीब 324 करोड़ रुपये की लागत से नए विधानसभा भवन का निर्माण किया गया है। इसे आधुनिक ई-सदन के रूप में विकसित किया जा रहा है। परिसर में सौंदर्यीकरण, विशाल उद्यान, बैंक्वेट क्षेत्र और राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ की स्थापना से जुड़े शेष कार्य भी कराए जा रहे हैं।
डिजिटल व्यवस्था लागू होने से छत्तीसगढ़ विधानसभा के कामकाज में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। यदि परियोजना निर्धारित समय पर पूरी होती है, तो विधायक कागजी दस्तावेजों पर निर्भर रहने के बजाय टैबलेट के माध्यम से सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकेंगे।




