वाशिंगटन/न्यूयॉर्क — अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क शहर के निर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी से व्हाइट हाउस में मुलाकात के दौरान फिर एक बार भारत-पाकिस्तान विवाद सुलझाने का दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच हाल के संघर्ष को पच मई में सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
ट्रंप ने ओवल ऑफिस में ममदानी के साथ बातचीत करते हुए कहा, “मैंने आठ देशों के बीच शांति समझौते कराए हैं, जिनमें भारत और पाकिस्तान भी शामिल हैं।” उन्होंने यह भी फिर दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को 350 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, यदि वे संघर्ष नहीं बंद करते। ट्रंप का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर कहा था, “हम युद्ध नहीं करेंगे।” उन्होंने बताया कि मई में हुई तनाव की स्थिति के बाद एक “पूरा और तात्कालिक” सीसफायर समझौता हुआ था, जिसे उन्होंने अपने अमेरिका- मध्यस्थता प्रयास का नतीजा बताया
हालाँकि, भारत की तरफ से लगातार यह खंडन किया गया है कि किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की गई। ट्रंप का यह दावा विवादित माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें पिछले कई महीनों से यह बात बार-बार सिद्ध करने की कोशिश करते देखा गया है कि उनकी कूटनीतिक रणनीतियाँ विश्व के बड़े टकरावों में शांति लाने में कारगर रहीं। मीडिया और राजनैतिक विश्लेषकों ने ट्रंप की बातों को ‘दोहरे मकसद’ वाला रुख बताया है — एक ओर शांति दूत का चेहरा बनना, दूसरी ओर अपनी विदेश नीति को ग्लोबल स्तर पर फिर से ‘मजबूत मीडिएटर’ के रूप में पेश करना।








