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ईरान जंग के बीच ‘जबरन रिटायर’ किए गए US के आर्मी चीफ, क्या ट्रंप प्रशासन से रैंडी जॉर्ज का मतभेद?

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Middle East Conflict: मिडिल ईस्ट जंग के बीच अमेरिकी सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को तुरंत पद छोड़ने और रिटायर्ड होने के लिए बोला गया है. हालांकि आदेश मिलने के बाद अब सेना प्रमुख जनरल ने इस्तीफा नहीं दिया है. माना जा रहा है कि बहुत जल्द वे इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय से यह आदेश उस दौरान आया. जब अमेरिका ईरान के खिलाफ संभावित जमीनी सैन्य कार्रवाई की तैयारी में जुटा है.

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अमेरिकी सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को जबरन रिटायर्ड करने का निर्देश रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दिया है. हालांकि रक्षा मंत्री के इस फैसले को लेकर अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रैंडी जॉर्ज को क्यों हटाया गया. मीडिया रिपोर्ट के सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्री ऐसे जनरल को सेना की कमान देना चाहते हैं, तो राष्ट्रपति ट्रंप और उनके विजन के हिसाब से काम करे.

क्यों किया गया रिटायर्ड?

ट्रंप प्रशासन और सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज के बीच किसी विजन को लेकर मतभेद था या नहीं. इसको लेकर भी अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है. लेकिन सेना प्रमुख को जबरन रिटायर्ड करने को लेकर हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जंग के बीच ही जबरन रिटायर्ड करना पड़ा.

कौन बनेगा सेना प्रमुख?

बता दें, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज के पास कई दशकों का मिलिट्री अनुभव रहा है. अमेरिका में राष्ट्रपति के कार्यकाल की तरह सेना प्रमुख का कार्यकाल भी 4 सालों का ही होता है. रैंडी जॉर्ज अमेरिकी सेना के लिए गल्फ वॉर के साथ-साथ इराक और अफगानिस्तान में जंग लड़ चुके हैं. रैंडी जॉर्ज को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने साल 2023 में नियुक्त किया था. यानी अभी उनका कार्यकाल करीब 1 साल के लिए बचा था, लेकिन उससे पहले ही उनको जबरन रिटायर्ड कर दिया गया. रैंडी जॉर्ज की जगह उप सेना प्रमुख जनरल क्रिस्टोफर लानेव को सेना प्रमुख बनाने की संभावना है.

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