US-Iran War: अमेरिका-ईरान के बीच टेंशन एक बार फिर बढ़ गई है। अमेरिकी फौज ने बीते बुधवार को ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर मिलिट्री एक्शन करते हुए उसके करीब 90 सैन्य अड्डों पर एयरस्ट्राइक की हैं। इस मिलिट्री ऑपरेशन का वीडियो भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने रिलीज किया है, जिसमें अटैक के दौरान कई सैन्य ठिकानों को टारगेट बनाते हुए देखा जा सकता है।
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ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना है मकसद
U.S. Central Command ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो जारी करते हुए लिखा कि 8 जुलाई को अमेरिकी फौज ने ईरान के विरुद्ध मिलिट्री ऑपरेशन किया। CENTCOM के मुताबिक, इस एक्शन का मकसद ईरान की उस सैन्य ताकत को कमजोर करना था, जिसके माध्यम से वह Strait of Hormuz में गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर हमला कर सकता है।
ईरान में 90 मिलिट्री अड्डों को अमेरिकी फौज ने बनाया निशाना
CENTCOM के बयान के अनुसार, अमेरिकी फौज ने ईरान के करीब 90 मिलिट्री अड्डों को टारगेट किया गया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, Coastal Surveillance से जुड़े इक्विपमेंट, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज सेंटर, नेवी क्षमताओं से जुड़े अड्डों और ईरान के समुद्री तट पर मौजूद सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। अमेरिकी सेना दावा कर रही है कि इन अटैक्स से ईरान की नेवल मिलिट्री को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप ने शेयर किया ईरान पर हमले का वीडियो
डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्रुथ सोशल में ईरान पर हमले के वीडियो और एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें लिखा है कि लोकल अफसरों ने अब पुष्टि की है कि अमेरिकी हमलों में ईरान के दक्षिण-पूर्वी शहर में स्थित एयरपोर्ट/एयरबेस को निशाना बनाया गया था, जिसका प्रयोग इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स एयरोस्पेस फोर्स करती है।
ईरान ने भी अमेरिकी बेस को बनाया निशाना
उधर, ईरान भी अमेरिकी हमलों का जवाब दे रहा है। प्रेस टीवी के मुताबिक, IRGC ने कहा कि अपने जवाबी एक्शन के पहले फेज में, IRGC ने कुवैत में अमेरिकी कैंप आरिफजान और अली अल सलेम एयरबेस और बहरीन में जुफफैर और शेख ईसा एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर संयुक्त रूप से मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।
ईरान ने बताया उसके देश में कहां-कहां हुआ हमला?
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी मिलिट्री अटैक से प्रभावित जगहों के बारे में बात करते हुए IRGC ने कहा कि धोखेबाज अमेरिका ने फिर से अपने वादों को तोड़ते हुए ईरान के दक्षिणी प्रांतों में कई जगहों पर अटैक किए। अमेरिका ने पूर्वी प्रांतों में मशहद की ओर जाने वाले दो पुलों को भी टारगेट किया, ताकि दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा पर असर डाला जा सके।




