नई दिल्ली: क्या महात्मा गांधी सीरीज के 2005 से पहले के नोट बंद हो जाएंगे? एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर ऐसे तमाम कयास लग रहे थे। उस रिपोर्ट में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक सर्कुलेशन का हवाला दिया गया था और कहा गया कि बैंक ने 30 जून के बाद ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के नोटों को 30 जून के बाद स्वीकार न करने को कहा है। रिपोर्ट के बाद हलचल मची तो सवाल उठा कि क्या चुपचाप एक और नोटबंदी की तैयारी है? अब इस संबंध में बैंक की ओर से ही स्पष्ट किया गया है कि ऐसा कुछ भी नहीं है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने अपने फेसबुक पेज पर इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया है और वायरल खबर को फेक बताया है।
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बैंक की ओर से लिखा गया है, ‘एक गलत संदेश इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखाओं में 10, 20, 50 और 100 रुपये के 2005 से पहले के छपे नोटों को 30 जून के बाद स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैंक ऑफ महाराष्ट्र स्पष्ट करता है कि यह खबर पूरी तरह गलत और भ्रामक है। हम ग्राहकों से अपील करते हैं कि वे ऐसे किसी भी संदेश पर यकीन न करें। ऐसे किसी संदेश को शेयर न करें। हम आग्रह करते हैं कि सभी लोग आधिकारिक सूचनाओं पर ही यकीन करें। प्रमाणिक सूचना आपको आधिकारिक स्रोतों से ही मिल सकेगी।’
बैंक ऑफ महाराष्ट्र का नाम लेकर क्या था रिपोर्ट में दावा
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र की ओर से ऐसा आदेश जारी हुआ है और धीरे-धीरे यह अन्य बैंकों की ओर से भी आ सकता है। अब बैंक की ओर से स्पष्टीकरण आने से ऐसे कयासों पर शायद लगाम लग सकेगी। बता दें कि रिजर्व बैंक की ओर से भी ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है, जिसके जरिए कोई भ्रम की स्थिति पैदा हो।
रिजर्व बैंक का क्या था आदेश, जिसमें साफ की है पूरी बात
केंद्रीय बैंक ने 2016 में ही अपने एक आदेश में कहा था कि 2005 से पहले के गांधी सीरीज के नोटों का प्रचलन काफी कम हो गया है। बैंक ने इन नोटों को यदि कोई बदलना चाहे तो इसके लिए भी सुविधा दी है। लेकिन यह भी स्पष्ट किया है कि ये पहले की तरह ही जारी रहेंगे। बता दें कि रिजर्व बैंक की ओर से जारी नए नोटों में सिक्योरिटी फीचर्स लगातार मजबूत किए जा रहे हैं ताकि नकली नोटों के संकट से बचा जा सके। हालांकि बैंक ने पुराने नोटों को बंद करने या फिर प्रचलन से बाहर करने जैसी कोई बात नहीं की है। इस तरह वायरल हो रहा मेसेज पूरी तरह से गलत है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी यह स्पष्ट किया है।




