हॉन्गकॉन्ग में चीन विरोधी रुख के लिए चर्चित एक मीडिया टायकून को अदालत ने देश के खिलाफ साजिश रचने के मामले में दोषी करार दिया है। यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत सुनाया गया, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से ही तीखी बहस चल रही है। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सरकार विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया और विदेशी ताकतों से सांठगांठ की गई।
अदालत में सुनवाई के दौरान कहा गया कि आरोपी ने अपनी मीडिया संस्थाओं का इस्तेमाल कर सामाजिक अशांति फैलाने और चीन की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। बचाव पक्ष ने इन आरोपों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए खारिज किया, लेकिन अदालत ने सबूतों के आधार पर दोष सिद्ध माना।
इस फैसले के बाद हॉन्गकॉन्ग और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां चीन समर्थक पक्ष इसे कानून के सख्त पालन का उदाहरण बता रहा है, वहीं मानवाधिकार संगठनों ने प्रेस की आज़ादी पर असर पड़ने की आशंका जताई है। यह मामला हॉन्गकॉन्ग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के भविष्य और मीडिया की भूमिका को लेकर बहस को और तेज कर सकता है।








