भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ और मौजूदा कोचिंग दावेदार गौतम गंभीर ने अपने भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट में उनकी भूमिका क्या होगी, इसका अंतिम फैसला BCCI को करना है, लेकिन लोगों से अपील की कि वे उनके करियर की उपलब्धियों और योगदान को न भूलें। गंभीर हाल ही में टीम इंडिया के कोच पद की दौड़ में चर्चा में रहे हैं। इसी बीच उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट में उन्होंने हमेशा पूरी निष्ठा से काम किया है—चाहे खिलाड़ी के रूप में मैदान पर हों या किसी टीम के मेंटर की भूमिका में।
गौतम गंभीर ने कहा,
“मेरे भविष्य का फैसला बीसीसीआई को करना है। मैं जिस भी भूमिका में रहूं, हमेशा ईमानदारी और जुनून से काम करूंगा। लेकिन मेरी सफलताओं, मेरी मेहनत और टीम इंडिया के लिए दिए गए योगदान को नजरअंदाज मत कीजिए।”
गंभीर के इस बयान को उनके भविष्य के क्रिकेटीय और कोचिंग करियर से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके नेतृत्व में कोलकाता नाइट राइडर्स ने दो बार IPL ट्रॉफी जीती थी, वहीं बतौर मेंटर उन्होंने 2024 में KKR को फिर चैंपियन बनाया, जिससे उनकी रणनीतिक क्षमता और भी मजबूत हुई।
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि गंभीर की स्पष्टवादिता और आक्रामक सोच टीम इंडिया के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। अब सबकी निगाहें बीसीसीआई पर हैं, जो आने वाले समय में कोच पद और गंभीर की भूमिका को लेकर अपना फैसला सुनाएगा। गंभीर का यह बयान एक बार फिर दिखाता है कि वह भारतीय क्रिकेट में किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार हैं, बशर्ते कि उनके पिछले प्रदर्शन और योगदान का सम्मान किया जाए।








