भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों में तेज गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तर और मध्य भारत में आने वाले दिनों में तेजी से तापमान बढ़ने वाला है। सबसे ज्यादा और तेज असर राजस्थान में होगा। वहीं, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी अब गर्मी का असर जमकर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत में 6-8 डिग्री तक तापमान बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए बताया कि गर्मी बढ़ने वाली है। जिन इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, उनमें (उत्तर-पश्चिम भारत 6–8°C), (पूर्वी भारत 5–7°C) और (मध्य भारत 3–5°C) भारत शामिल हैं। आईएमडी ने कहा कि आने वाले दिनों में तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। ऐसे में हाइड्रेटेड रहें, तेज धूप वाले समय से बचें और अपना ध्यान रखें।
कहां-कितना बढ़ेगा पारा
- उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान कोई महत्वपूर्ण मौसमी हलचल की संभावना नहीं है।
- उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान 6-8 डिग्री सेल्सियस, पूर्वी भारत में 5-7 डिग्री सेल्सियस और मध्य भारत में 3-5 डिग्री सेल्सियस की अधिकतम वृद्धि होने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप, इन क्षेत्रों में 2 दिन के बाद अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
- उत्तर-पश्चिम भारत में 10 से 16 अप्रैल के दौरान अधिकतम तापमान में 6-8 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है।
- मध्य भारत में 14 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है तथा 15 और 16 अप्रैल को कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा।
- पूर्वी भारत में 14 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में 5-7 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है तथा 15 और 16 अप्रैल को कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा।
- गुजरात राज्य में 13 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है तथा 14 से 16 अप्रैल के दौरान कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा।
- महाराष्ट्र में 14 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है तथा 15 और 16 अप्रैल को कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा।
बेमौसम बारिश से 2.49 लाख हेक्टेयर में फसलों को नुकसान
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से अब तक 2.49 लाख हेक्टेयर में खड़ी रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें सबसे अधिक गेहूं की खेती प्रभावित हुई है। केंद्रीय कृषि मंत्री ने पांच अप्रैल को अधिकारियों को प्रभावित राज्यों में नुकसान की समीक्षा करने और राज्य सरकारों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया था। आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर प्रदेश, बांग्लादेश, असम और ओडिशा में चक्रवाती परिसंचरण और संबंधित ट्रफ के कारण 9-15 अप्रैल तक और अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है।







