अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि चीन अमेरिका की जासूसी करता है और अमेरिका भी चीन के साथ ऐसा ही करता है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आगामी अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच लगभग हर मुद्दे पर बातचीत होगी। ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच जासूसी को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
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23 सितंबर को अमेरिका पहुंचेंगे शी जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जल्द ही अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक, शी जिनपिंग 23 सितंबर 2026 को अमेरिका पहुंचेंगे। इसके अगले दिन यानी 24 सितंबर को वह व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप जून में चीन की यात्रा कर चुके हैं। उस दौरान उन्होंने शी जिनपिंग के साथ हुई मुलाकात को सकारात्मक बताया था। दोनों देशों के बीच व्यापार, कूटनीति और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर भी बातचीत हुई थी।
2028 के राष्ट्रपति चुनाव पर ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने 2028 में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी अपनी राय रखी। उनसे पूछा गया कि क्या वह मौजूदा उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी का समर्थन करेंगे। इस पर ट्रंप ने कहा कि अभी चुनाव में काफी समय बाकी है और उनके पास कई अच्छे विकल्प मौजूद हैं।
रिपब्लिकन पार्टी की ओर से 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की संभावित दौड़ में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।
कनाडा के साथ डील को बताया सबसे मुश्किल
आयरलैंड से लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने अमेरिका-कनाडा संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कनाडा के साथ डील करना सबसे मुश्किल काम है, हालांकि उनका दावा है कि कनाडा अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए काफी उत्सुक है।
पिछले कुछ समय से व्यापार समझौते को लेकर अमेरिका और कनाडा के बीच तनाव देखने को मिला है।
ईरान को लेकर भी बोले ट्रंप
मिडिल ईस्ट के हालात पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि खाड़ी क्षेत्र के अन्य देश ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं। ट्रंप के इन बयानों में चीन, कनाडा और मध्य पूर्व से जुड़े मुद्दों पर अमेरिका की मौजूदा नीति की झलक दिखाई दी।




